कारसेवा एक परंपरा है तथा इस स्पष्ट समझ के साथ आगे बढ़ती है कि हम सभी के भीतर ईश्वर हैं, और इस प्रकार मानवता की सेवा करके आप ईश्वर की सेवा कर रहे हैं। कार सेवा किसी धार्मिक कारण से भी किया जाता है, जैसे भगवान की सेवा के लिए पूजा स्थल का निर्माण करना।

 

कारसेवक वे लोग होते हैं जो धार्मिक उद्देश्य के लिए निःशुल्क अपनी सेवाएँ देते हैं , यह शब्द संस्कृत के शब्द 'कर' (हाथ) और 'सेवक' (सेवक) से लिया गया है। अयोध्या स्थित कारसेवक एक ऐसा समूह है जिसने दशकों से अयोध्या में राम मंदिर की मांग की और इसे हासिल करने के लिए कड़ा संघर्ष किया।


कार का अर्थ होता है हाथ यानी जो हाथ से काम नि:स्वार्थ व नि:शुल्क करते हैं, उन्हें कार सेवक कहा जाता है। चूंकि भारत में ज्यादातर कार्य धर्म से जोड़कर ही किए जाते हैं, इसलिए कार सेवक शब्द का अर्थ धार्मिक कार्यों को नि:स्वार्थ और नि:शुल्क करने वाले व्यक्ति के लिये भी किया जाता है। उस दौरान विश्व हिंदू परिषद द्वारा राम मंदिर बनवाने के लिए जो लोग वॉलेंटियर के रूप में अयोध्या भेजे गए थे, उन्हें भी कार सेवक कहा गया।

 

हमारे श्री महादेव शिव शंकर धाम में कारसेवा 

1) दैनिक

2) साप्ताहिक

3) मासिक

4) वार्षिक

 

 

श्री महादेव शिव शंकर धाम में कारसेवा 
 1) प्रात: कारसेवा
 2) संध्या कारसेवा 
 3) दोनो समय के कारसेवा

 

कारसेवा के कार्य क्षेत्र इस प्रकार है :-

   

- गर्भगृह को स्वच्छ करना

- फूल माला बनाना

- भगवान  जी का श्रृंगार करना

- आरती के बाद प्रसाद वितरण करना

- मंदिर में किसी भी अनुष्ठान के समय सहयोग करना

- आरती के समय में पुजारी के सहायक

- प्रभु जी का भोग बनाने से लेकर भोग लगाने तक 

- भोग बांटने से लेकर​ और  रसोई सफाई तक